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मैनपुर के जंगल में माओवादियों का बड़ा डम्प बरामद, 46 लाख से ज्यादा नकदी व हथियार जब्त

मूक पत्रिका  गरियाबंद – नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना मैनपुर अंतर्गत ग्राम बड़ेगोबरा के सांपसाटी नामक दुर्गम जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए नकदी, हथियार, गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। यह संयुक्त कार्रवाई जिला पुलिस बल गरियाबंद की ई-30 ऑप्स टीम एवं डीआरजी जिला धमतरी द्वारा की गई।

46.31 लाख रुपये नकद सहित भारी मात्रा में सामग्री बरामद

पुलिस को माओवादियों के डीजीएन डिवीजन द्वारा डम्प कर रखी गई ₹46,31,500/- (छियालिस लाख इकत्तीस हजार पांच सौ रुपये) नकद राशि के साथ—
01 भरमार बंदूक व 33 राउंड
01 सुरका राइफल
32 नग बीजीएल सेल
01 लैपटॉप, 02 मोबाइल
INSAS, SLR, AK-47, .303 सहित सैकड़ों राउंड
13 इलेक्ट्रॉनिक व 10 नॉन-इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर
नक्सली साहित्य एवं अन्य सामग्री बरामद की गई है।

आत्मसमर्पित माओवादियों की पूछताछ से मिली अहम सूचना

शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी के धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा क्षेत्र के शीर्ष लीडरों ने उक्त स्थान पर डम्प छिपाकर रखा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम को रवाना किया गया और सघन सर्च अभियान में यह बड़ी बरामदगी संभव हो सकी।

नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी मजबूती

पुलिस के अनुसार, पिछले दो वर्षों से चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान और पुनर्वास योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के चलते जनवरी 2026 तक गरियाबंद–धमतरी क्षेत्र में सक्रिय सूचीबद्ध माओवादियों को या तो समाप्त किया गया है या आत्मसमर्पण कराया गया है। इस डम्प की बरामदगी से भविष्य में किसी भी संभावित माओवादी वारदात को विफल करने में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है।

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